News Desk Patna:
बिहार की राजनीति में बुधवार को ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला जब राज्य को अपना 24वां मुख्यमंत्री मिल गया। लोकभवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह पहला मौका बताया जा रहा है जब बिहार में भारतीय जनता पार्टी के किसी नेता ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है, जिससे राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
लोकभवन में भव्य समारोह, कई दिग्गज नेता रहे मौजूद
शपथ ग्रहण समारोह में देश और राज्य के कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। मौके पर कई प्रमुख नेता मौजूद रहे, जिनमें BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, JD(U) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (उर्फ ललन सिंह), केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, RLM के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और LJP के सांसद अरुण भारती शामिल थे। राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में इस आयोजन को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह नई सरकार के गठन और गठबंधन की दिशा को भी स्पष्ट करता है।

उपमुख्यमंत्री पद पर JDU कोटे से दो नेताओं की शपथ
नई सरकार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) कोटे से दो वरिष्ठ नेताओं ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इनमें विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद शामिल हैं। दोनों नेताओं ने राज्यपाल के समक्ष पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ लंबे समय तक काम करते हुए प्रशासनिक अनुभव हासिल किया है और उसी अनुभव के आधार पर वे आगे भी राज्य के विकास कार्यों को गति देंगे। वहीं दूसरे उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि नई सरकार सामूहिक रूप से काम करेगी और विकास की गति को और तेज किया जाएगा।

सम्राट चौधरी का संदेश—विकास और विरासत दोनों पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पहले संबोधन में कहा कि वे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास नीतियों और प्रशासनिक विरासत को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार का फोकस स्थिरता, विकास और जनकल्याण पर रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन दलों के बीच किसी प्रकार का भ्रम नहीं है और सभी मिलकर राज्य के हित में काम करेंगे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और नेताओं का सफर
नई सरकार के प्रमुख नेताओं का राजनीतिक सफर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से की थी। इसके बाद वे कई दलों से होते हुए भारतीय जनता पार्टी में पहुंचे और आज राज्य के मुख्यमंत्री बने। वहीं विजय कुमार चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी और बाद में जनता दल यूनाइटेड में शामिल होकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में गिने जाने लगे।
इसी तरह बिजेंद्र प्रसाद यादव का राजनीतिक सफर भी लंबा रहा है। उन्होंने 1990 में सुपौल विधानसभा से जनता दल के टिकट पर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया था और बाद में पार्टी विभाजन के बाद वे शरद यादव गुट के साथ जुड़कर JDU का हिस्सा बने रहे।
बिहार की राजनीति में नए समीकरण
नई सरकार के गठन के साथ बिहार की राजनीति में एक नया समीकरण बनता दिखाई दे रहा है। भाजपा और जदयू के बीच संतुलन बनाते हुए यह सरकार आगे बढ़ेगी, ऐसा माना जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद नेताओं की व्यापक भागीदारी ने इस गठबंधन की मजबूती का संदेश भी दिया।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह सरकार आने वाले समय में राज्य की विकास नीतियों और प्रशासनिक ढांचे में कई बड़े बदलाव ला सकती है।







