बिजेंद्र प्रसाद यादव को मिली बड़ी जिम्मेदारी, उपमुख्यमंत्री बनते ही पैतृक गांव मुरली में जश्न का माहौल, पढ़ें उनका राजनीतिक सफर

बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बुधवारको उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, उपमुख्यमंत्री बनते ही पैतृक गांव मुरली में जश्न का माहौल बन गया

Report: A.K Chaudhary

बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के बीच अनुभवी समाजवादी नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव के उपमुख्यमंत्री बनने की घोषणा के बाद पूरे सुपौल जिले के सरायगढ़ प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव मुरली में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। जैसे ही टीवी पर उनके शपथ ग्रहण की तस्वीरें प्रसारित हुईं, गांव के लोग खुशी से झूम उठे।

टीवी पर शपथ ग्रहण देखते बिजेंद्र प्रसाद यादव के छोटे भाई

बिजेंद्र प्रसाद यादव के भाई जय नारायण यादव ने भावुक होते हुए कहा कि यह उनके बड़े भाई की वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने बताया कि बिजेंद्र यादव किशोरावस्था से ही राजनीति में गहरी रुचि रखते थे और उनका जीवन हमेशा जनसेवा के प्रति समर्पित रहा है।

टीवी के सामने भावुक परिवार, गांव में उत्सव जैसा माहौल

जय नारायण यादव ने बताया कि जैसे ही उन्होंने अपने बड़े भाई को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेते देखा, उनकी आंखें भर आईं। उन्होंने कहा कि यह उनके कर्मों का फल है। गांव के लोगों का कहना है कि बिजेंद्र यादव ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में लगातार विकास कार्यों को प्राथमिकता दी, जिसका असर कोसी क्षेत्र में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इसी कारण उन्हें स्थानीय लोग “कोसी का विश्वकर्मा” भी कहते हैं।

शिक्षा और शुरुआती जीवन

बिजेंद्र प्रसाद यादव का जन्म 10 अक्टूबर 1946 को सुपौल जिले के सरायगढ़ प्रखंड के मुरली गांव में हुआ। उनकी शुरुआती शिक्षा गांव के लालगंज प्राथमिक विद्यालय से हुई। इसके बाद उन्होंने गणपतगंज स्थित हरावत राज हाई स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की।

बिजेंद्र प्रसाद यादव का पैतृक घर

आगे की शिक्षा के लिए वे वीरपुर और भागलपुर गए, जहां से उन्होंने इंटरमीडिएट और स्नातक (विज्ञान) की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उनमें नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक समझ विकसित होने लगी थी।

राजनीतिक सफर की शुरुआत से अब तक

बिजेंद्र प्रसाद यादव ने वर्ष 1967 में समाजवादी विचारधारा के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद 1990 में उन्होंने पहली बार जनता दल के टिकट पर सुपौल विधानसभा सीट से जीत दर्ज की और राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। बाद में वे लालू प्रसाद यादव की सरकार में ऊर्जा मंत्री बने और ऊर्जा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधारों से जुड़े रहे। वर्ष 2000 में वे जनता दल (यूनाइटेड) से जुड़ गए और तब से लगातार सुपौल विधानसभा सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं।

लंबे प्रशासनिक अनुभव के धनी नेता

अपने राजनीतिक करियर में वे कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का दायित्व संभाल चुके हैं, जिनमें ऊर्जा विभाग, वित्त विभाग, योजना एवं विकास, वाणिज्य कर, संसदीय कार्य विभाग शामिल है। वे लंबे समय तक नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकारों में एक भरोसेमंद और अनुभवी मंत्री के रूप में काम करते रहे हैं।

कोसी क्षेत्र में विकास की पहचान

स्थानीय लोगों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिजेंद्र प्रसाद यादव के कार्यकाल में कोसी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और विकास योजनाओं को नई दिशा मिली। उनकी कार्यशैली को व्यावहारिक और परिणामोन्मुख माना जाता है। इसी कारण वे न केवल एक वरिष्ठ नेता के रूप में बल्कि प्रशासनिक क्षमता वाले अनुभवी राजनेता के रूप में भी जाने जाते हैं।

नई जिम्मेदारी: उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

बुधवार को राजनीतिक घटनाक्रम में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के साथ बिहार में सत्ता परिवर्तन देखने को मिला। इसी क्रम में बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके इस नए दायित्व को कोसी क्षेत्र और विशेष रूप से सुपौल जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी।

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