Report: A.K Chaudhary
सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिमराही नगर पंचायत के वार्ड संख्या-2 स्थित दिनादास टोला में रविवार को ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ते सूखा नशा के प्रचलन के खिलाफ एकजुटता दिखाई। बजरंगबली मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर नशे के बढ़ते प्रभाव पर गंभीर चिंता व्यक्त की तथा इसे समाज के लिए एक बड़ी चुनौती बताया।
बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि हाल के दिनों में क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों का प्रसार तेजी से बढ़ा है। इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव किशोरों और युवाओं पर पड़ रहा है, जिससे उनके भविष्य, शिक्षा और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल असर देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण कई परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
बैठक में उपस्थित लोगों ने बताया कि युवाओं के नशे की गिरफ्त में आने से अभिभावकों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। कई परिवारों ने अपने बच्चों के व्यवहार में बदलाव महसूस किया है, जिससे समाज में असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध रूप से नशीले पदार्थों की आपूर्ति की जा रही है, जिसके कारण युवा वर्ग आसानी से इसकी चपेट में आ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने की भी मांग उठाई गई।
बैठक में शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव का भी मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। अभिभावकों ने कहा कि स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं पर नशे के बढ़ते माहौल का प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा और बेहतर भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की अपील की।
ग्रामीणों ने इस बात पर भी जोर दिया कि केवल पुलिस या प्रशासनिक कार्रवाई से समस्या का पूर्ण समाधान संभव नहीं है। समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक होकर नशा उन्मूलन अभियान में भागीदारी निभानी होगी। इसी उद्देश्य से बैठक में गांव और टोला स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया। लोगों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने तथा युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की योजना पर भी चर्चा की गई।
बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि क्षेत्र में अवैध नशे का कारोबार जारी रहा तो ग्रामीण संगठित रूप से इसके खिलाफ व्यापक जनआंदोलन चलाएंगे। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों और नशा कारोबार से जुड़े लोगों की जानकारी पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
अंत में उपस्थित लोगों ने पुलिस प्रशासन से नियमित गश्ती बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने तथा नशा तस्करों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाने की मांग की। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
बैठक में विनायक पांडेय, इंद्रमोहन पांडेय, अमित पांडेय, पवन पांडेय, वेदानंद पांडेय, प्रदीप यादव, रामचंद्र गुप्ता, मनोज गुप्ता समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।







