Report: A.K Chaudhary
सुपौल जिले के गणपतगंज में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का रविवार को नवनिर्मित शिवशक्ति भवन के उद्घाटन के अवसर पर एक भव्य आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन गणपतगंज स्थित नरसिंह मंदिर सभागार में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, गणमान्य नागरिकों तथा ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्यों ने भाग लेकर आध्यात्मिक संदेशों का लाभ उठाया।

कार्यक्रम का शुभारंभ राजबिराज क्षेत्र की प्रभारी राजयोगिनी भगवती दीदी, स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी एवं सिमराही, राघोपुर तथा गणपतगंज क्षेत्र की प्रभारी राजयोगिनी बविता दीदी, अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू (राजस्थान) से पधारे मेडिकल विंग के प्रेरक वक्ता बीके राजीव भाई जी, वरिष्ठ व्यवसायी राजकुमार अग्रवाल, केदार मधोगरिया, दीनानाथ अग्रवाल, प्रह्लाद अग्रवाल, बीके किशोर भाई, समाजसेवी फुलेसर चौधरी, चंदू चौधरी, अवध मेहता, भवन निर्माण में विशेष सहयोग देने वाले अनिल भारती एवं स्वाती भारती, शिक्षिका पूनम देवी सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित एवं फीता काटकर किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजयोगिनी भगवती दीदी ने कहा कि आज के तनावपूर्ण और भागदौड़ भरे जीवन में आध्यात्मिकता ही वास्तविक सुख, शांति और आनंद का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय आत्मचिंतन, ईश्वर स्मृति और राजयोग ध्यान के लिए निकाले तो उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देने लगते हैं। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से श्रेष्ठ संस्कारों, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवनशैली को अपनाकर परिवार और समाज में सुख-शांति का वातावरण बनाने का आह्वान किया।

स्वागत भाषण देते हुए राजयोगिनी बविता दीदी ने सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि ब्रह्माकुमारी संस्थान विश्वभर में आध्यात्मिक जागरूकता, नैतिक शिक्षा, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण, युवा जागरण तथा सामाजिक सेवा के अनेक कार्यक्रम संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि गणपतगंज में नवनिर्मित शिवशक्ति भवन क्षेत्र के लोगों के लिए आध्यात्मिक शिक्षा, राजयोग मेडिटेशन और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
मुख्य वक्ता बीके राजीव भाई जी ने “खुशनुमा जीवन जीने की कला” विषय पर विस्तार से अपने विचार रखते हुए कहा कि जीवन में आने वाली अधिकांश समस्याओं की जड़ नकारात्मक सोच, तनाव और मानसिक असंतुलन है। यदि व्यक्ति अपनी सोच को सकारात्मक बनाए, स्वयं को आत्मा के रूप में पहचानकर ईश्वर से संबंध जोड़े तथा नियमित रूप से राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करे तो वह कठिन परिस्थितियों में भी प्रसन्न और संतुलित रह सकता है। उन्होंने कहा कि खुश रहने की कला बाहर की परिस्थितियों पर नहीं, बल्कि हमारी आंतरिक स्थिति पर निर्भर करती है।
अपने प्रेरक संबोधन के दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को मानसिक एवं शारीरिक ऊर्जा बढ़ाने वाले कई सरल अभ्यास, मेडिटेशन तकनीक और एक्सरसाइज भी कराईं। इन अभ्यासों में सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वयं को तनावमुक्त एवं ऊर्जावान महसूस किया।
कार्यक्रम के दौरान शिवशक्ति भवन के निर्माण में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों एवं समाजसेवियों का सम्मान भी किया गया। अंत में सभी श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
इस अवसर पर बीके पूजा, रेनू, बीना, सोहानी, शांति देवी सहित ब्रह्माकुमारी परिवार के अनेक भाई-बहन एवं क्षेत्र के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं संपूर्ण आयोजन ब्रह्माकुमारीज गणपतगंज सेवा केंद्र के सहयोग से सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।







