
Report: A.K. Chaudhary
सावन के अंतिम सोमवार पर सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड के धरहारा स्थित प्रसिद्ध बाबा भीमशंकर मंदिर में आस्था का ऐसा महासैलाब उमड़ा कि पूरा मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तिमय हो उठा। सावन के अंतिम सोमवार को बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा भीमशंकर का जलाभिषेक किया। अप्रत्याशित भीड़ के बावजूद प्रशासन और मंदिर न्यास समिति की ओर से की गई मजबूत एवं सुनियोजित व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन में किसी तरह की बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और मुख्य सड़कों पर भी जाम की स्थिति नहीं बनी।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर का गर्भगृह सुबह करीब 3 बजे ही खोल दिया गया। पट खुलते ही बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अहले सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही तेज हो गई और कुछ ही समय में लंबी कतार लग गई। सुबह करीब 4 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक गर्भगृह से लेकर शिवगंगा तक श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित लंबी कतार बनी रही। इसके बावजूद श्रद्धालु अनुशासन के साथ कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

अप्रत्याशित भीड़ के बीच भी बनी रही व्यवस्था
सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सोमवारों की तुलना में काफी अधिक रही। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण मंदिर परिसर में भीड़ का दबाव लगातार बना रहा, लेकिन प्रशासन और मंदिर न्यास समिति की पहले से तैयार व्यवस्था के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। मंदिर परिसर में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था रखी गई। निर्धारित मार्ग से श्रद्धालुओं को गर्भगृह तक पहुंचाया गया और जलाभिषेक के बाद उन्हें अलग निकासी मार्ग से बाहर भेजा गया। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही और एक ही स्थान पर भीड़ जमा नहीं होने दी गई।
मुख्य सड़कों पर नहीं लगा जाम, वन-वे व्यवस्था रही प्रभावी
अंतिम सोमवार को तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण वाहनों की संख्या भी काफी अधिक रही। इसके बावजूद प्रशासन की यातायात व्यवस्था की खास तौर पर सराहना की गई। मंदिर की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर पहले से की गई बैरिकेडिंग और वन-वे व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू रखा गया। मंदिर परिसर के नजदीक वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित किया गया और श्रद्धालुओं को निर्धारित स्थान से पैदल मंदिर की ओर भेजा गया। अलग-अलग स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने लगातार यातायात को नियंत्रित किया। इसका नतीजा रहा कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। गणपतगंज से लेकर मंदिर परिसर जाने वाली मुख्य सड़क पर वाहनों का प्रवेश गणपतगंज में रोक दिया गया था। मंदिर आने वाली सभी सड़को पर कुछ दूर पहले ही बेरिकेटिंग लगाकर वाहनों को रोक दिया गया था। जिस वजह से सड़कों पर जाम की स्थिति नही बनी।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के बनाए नियमों का पालन करते हुए व्यवस्था में सहयोग किया। प्रशासन और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय के कारण अंतिम सोमवार का आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से चलता रहा।
सुरक्षा व्यवस्था में सैकड़ों अधिकारी और पुलिस बल रहे मुस्तैद
अंतिम सोमवार को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। एसडीएम सह मंदिर न्यास समिति अध्यक्ष विनय कुमार, डीएसपी सुरेंद्र कुमार, साइबर डीएसपी गौरव गुप्ता, डीसीएलआर मृत्युंजय कुमार, अंचलाधिकारी सह मंदिर न्यास समिति उपाध्यक्ष रश्मि प्रिया, बीडीओ सत्येंद्र कुमार, थानाध्यक्ष अमित कुमार राय, अपर थानाध्यक्ष स्वीटी कुमारी समेत सैकड़ों दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल मंदिर परिसर और आसपास के प्रमुख स्थानों पर मुस्तैद रहे। अधिकारी लगातार मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं की कतार, प्रवेश एवं निकास मार्ग तथा यातायात व्यवस्था की निगरानी करते रहे। भीड़ के दबाव को देखते हुए अलग-अलग स्थानों पर तैनात अधिकारियों को लगातार आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते रहे।

सुबह से दोपहर तक शिवगंगा तक लगी रही कतार
अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की सबसे लंबी कतार देखने को मिली। सुबह करीब 4 बजे से ही गर्भगृह से लेकर शिवगंगा तक श्रद्धालुओं की कतार लग गई थी। दोपहर करीब 3 बजे तक भी यह कतार बनी रही। कतार में शामिल श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हाथों में जलपात्र और पूजा सामग्री लिए श्रद्धालु हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे लगाते हुए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। भीड़ का दबाव अधिक होने के बावजूद कतार व्यवस्था लगातार संचालित होती रही। श्रद्धालुओं को बैरिकेडिंग के बीच से धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया। पुलिस और स्वयंसेवकों ने भी कतार को व्यवस्थित रखने में सहयोग किया।

पहले से बनाई गई व्यवस्था अंतिम सोमवार में आई काम
सावन शुरू होने से पहले ही बाबा भीमशंकर मंदिर में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर न्यास समिति की ओर से कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए थे। प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए थे। मंदिर परिसर के आसपास बैरिकेडिंग, यातायात नियंत्रण, पार्किंग, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित किया गया था। पहली सोमवारी से लेकर अंतिम सोमवार तक श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए व्यवस्था में लगातार सुधार किया गया। प्रत्येक सोमवार के अनुभव के आधार पर भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया। इसका सकारात्मक परिणाम अंतिम सोमवार को देखने को मिला, जब अप्रत्याशित रूप से तीन लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
सीसीटीवी से लगातार होती रही निगरानी
मंदिर परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ की लगातार निगरानी की गई। कंट्रोल रूम से मंदिर परिसर और प्रमुख स्थानों की स्थिति पर नजर रखी गई। किसी भी स्थान पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए जाते रहे। इस निगरानी व्यवस्था से प्रशासन को भीड़ की स्थिति को समझने और उसके अनुसार व्यवस्था को नियंत्रित करने में मदद मिली। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी विशेष ध्यान रखा गया।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन और मंदिर न्यास समिति की व्यवस्था को सराहा
अंतिम सोमवार को बाबा का जलाभिषेक करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंदिर न्यास समिति और पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था की जमकर सराहना की। श्रद्धालुओं का कहना था कि भीड़ इतनी अधिक थी कि अनुमान लगाना मुश्किल था, लेकिन जिस तरह से प्रशासन ने कतार, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को संभाला, उससे उन्हें बाबा का दर्शन और जलाभिषेक करने में काफी सुविधा हुई। श्रद्धालुओं ने बाबा भीमशंकर मंदिर न्यास समिति, पुलिस प्रशासन और सभी अधिकारियों एवं जवानों के प्रति आभार जताया।
एसडीएम, डीएसपी और पुलिस पदाधिकारियों की मौजूदगी से मजबूत रही व्यवस्था
अंतिम सोमवार को एसडीएम सह मंदिर न्यास समिति अध्यक्ष विनय कुमार लगातार व्यवस्था की निगरानी में जुटे रहे। उनके साथ डीएसपी सुरेंद्र कुमार, अंचलाधिकारी सह मंदिर न्यास समिति उपाध्यक्ष रश्मि प्रिया, बीडीओ सत्येंद्र कुमार, थानाध्यक्ष अमित कुमार राय और अपर थानाध्यक्ष स्वीटी कुमारी सहित अन्य अधिकारी भी लगातार सक्रिय रहे। अधिकारियों की टीम ने मंदिर परिसर के साथ-साथ बाहर के मार्गों पर भी नजर रखी। सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर सभी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखा गया। साथ ही सावन को सफल बनाने में राघोपुर थाना के पुलिस पदाधिकारियों का भी अहम योगदान रहा।

एसडीएम बोले— तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक, बेहतर व्यवस्था से सुगम रहा दर्शन-पूजन
सावन के अंतिम सोमवार को बाबा भीमशंकर मंदिर में उमड़ी अप्रत्याशित भीड़ को लेकर एसडीएम सह मंदिर न्यास समिति अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या उम्मीद से काफी अधिक रही। इसके बावजूद प्रशासन, पुलिस एवं मंदिर न्यास समिति की टीम ने आपसी समन्वय से व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा। उन्होंने बताया कि अंतिम सोमवार को तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा भीमशंकर का जलाभिषेक किया।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए गर्भगृह का पट सुबह करीब 3 बजे ही खोल दिया गया था। प्रवेश एवं निकास मार्ग को अलग रखने, बैरिकेडिंग, कतार व्यवस्था और मुख्य सड़कों पर वन-वे सिस्टम लागू करने का लाभ मिला। सुबह करीब 4 बजे से दोपहर 3 बजे तक गर्भगृह से शिवगंगा तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार रही, लेकिन किसी तरह की बड़ी अव्यवस्था नहीं हुई।
एसडीएम ने कहा कि इतनी बड़ी और अप्रत्याशित भीड़ के बावजूद मुख्य सड़कों पर जाम नहीं लगना और श्रद्धालुओं का सुगमता से दर्शन-पूजन करना प्रशासन की व्यवस्था की सफलता है। उन्होंने इस व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस बल, मंदिर न्यास समिति के सदस्यों, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने श्रद्धालुओं के सहयोग की भी सराहना करते हुए कहा कि लोगों ने प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग और कतार व्यवस्था का पालन किया, जिसके कारण इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से बाबा का दर्शन एवं जलाभिषेक कराया जा सका।
सेवा और व्यवस्था ने बढ़ाई आयोजन की खूबसूरती
सावन के पूरे महीने बाबा भीमशंकर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्तरों पर सेवा कार्य भी किए गए। पेयजल की व्यवस्था, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, सुरक्षा और यातायात नियंत्रण में प्रशासन के साथ मंदिर न्यास समिति और स्थानीय लोगों ने भी सहयोग किया। अंतिम सोमवार को भी श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सेवा भाव से काम किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद व्यवस्था को बनाए रखना प्रशासन, मंदिर न्यास समिति, पुलिस बल, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम रहा।
सावन के अंतिम सोमवार ने बनाया नया रिकॉर्ड

सावन की पहली सोमवारी पर करीब 80 हजार, दूसरी सोमवारी पर करीब डेढ़ लाख और तीसरी सोमवारी पर करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने बाबा भीमशंकर का जलाभिषेक किया था। वहीं सावन के अंतिम सोमवार को तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से मंदिर में इस सावन की सबसे बड़ी भीड़ देखने को मिली। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद किसी बड़ी अव्यवस्था का सामने नहीं आना प्रशासन और मंदिर न्यास समिति की तैयारियों की सफलता को दर्शाता है। सुबह 3 बजे गर्भगृह का पट खोलने से लेकर दोपहर तक लगातार जलाभिषेक और श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच पूरी व्यवस्था को संभालना बड़ी चुनौती थी, जिसे प्रशासन और न्यास समिति ने बेहतर समन्वय के साथ पूरा किया।
आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था का दिखा शानदार संगम
सावन के अंतिम सोमवार पर बाबा भीमशंकर मंदिर में उमड़ा जनसैलाब क्षेत्र की धार्मिक आस्था का बड़ा प्रमाण रहा। बाबा के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं दूसरी ओर इतनी बड़ी भीड़ के बीच सुरक्षा, यातायात और दर्शन-पूजन की बेहतर व्यवस्था ने आयोजन को खास बना दिया। श्रद्धालुओं ने प्रशासन और मंदिर न्यास समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अप्रत्याशित भीड़ के बावजूद जिस तरह व्यवस्था संभाली गई, वह बेहद सराहनीय है।
सावन के अंतिम सोमवार का यह आयोजन आस्था, सेवा, प्रशासनिक समन्वय और श्रद्धालुओं के सहयोग का शानदार उदाहरण बन गया। बाबा भीमशंकर के दरबार में उमड़ी तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ और उसके बीच बनी सुचारु व्यवस्था ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।






