सुपौल में पीएम सूर्य घर योजना के तहत 459 घरों पर लगा सोलर प्लांट, लाभुकों को अनुदान राशि का डीबीटी से हुआ हस्तांतरण

Report: A.K. Chaudhary

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत बिहार सरकार की ओर से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में मंगलवार को महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम, शास्त्रीनगर से मुख्यमंत्री की मौजूदगी में योजना के लाभुकों को राज्य सरकार की अनुदान राशि का डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण किया गया। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सुपौल समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में किया गया।

बता दें कि राज्य में 25 हजार उपभोक्ताओं के घरों की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाने के बाद उन्हें बिहार सरकार की ओर से अनुदान राशि उपलब्ध कराई गई। एक किलोवाट क्षमता के संयंत्र के लिए 10 हजार रुपये तथा दो किलोवाट और उससे अधिक क्षमता के संयंत्र के लिए 20 हजार रुपये की राज्य सरकार की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।

कार्यक्रम के दौरान योजना के एक लाभुक किरण भारती से मुख्यमंत्री ने सोलर संयंत्र के अधिष्ठापन एवं योजना से मिलने वाले लाभ के संबंध में संवाद किया। वहीं, योजना में अग्रणी भूमिका निभाने वाली लाभुक कंचन पांडे को जिलाधिकारी सावन कुमार द्वारा उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

सांसद और विधायक समेत अधिकारी रहे मौजूद

सुपौल समाहरणालय में आयोजित कार्यक्रम में सुपौल सांसद दिलेश्वर कामैत, पिपरा विधायक रामविलास कामत, त्रिवेणीगंज विधायक सोनम रानी सरदार, जिलाधिकारी सावन कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंता आलोक कुमार रंजन, विद्युत कार्यपालक अभियंता राघोपुर धनन्जय कुमार सिंह और सहायक विद्युत अभियंता आशुतोष कुमार शर्मा सहित विद्युत विभाग के अभियंता, पदाधिकारी, कर्मचारी तथा योजना के अन्य लाभुक मौजूद रहे।

सुपौल में 459 घरों पर लग चुका है सोलर संयंत्र

कार्यक्रम के दौरान विद्युत विभाग की ओर से योजना के तहत आवेदन, अनुदान और ऋण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। बताया गया कि सुपौल जिले में अब तक 459 आवेदकों के घरों की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन संयंत्रों के माध्यम से लाभुक अपने घरेलू उपयोग के लिए बिजली का उत्पादन कर रहे हैं।

विभाग के अनुसार, प्राप्त अन्य आवेदनों पर पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की प्रक्रिया चल रही है। योजना के तहत अनुदान राशि का प्रावधान 31 मार्च 2027 तक किया गया है।

आवेदन के लिए इन दस्तावेजों की होगी जरूरत

विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, उपभोक्ता संख्या, मोबाइल नंबर, बैंक खाते का विवरण तथा छत के स्वामित्व से संबंधित प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। छत स्वामित्व प्रमाण पत्र स्व-अभिप्रमाणित भी हो सकता है।

आवेदन प्रक्रिया योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in तथा संबंधित मोबाइल एप के माध्यम से पूरी की जा सकती है। विभाग की ओर से बताया गया कि पात्र लाभुकों को बैंकों के माध्यम से 5.75 प्रतिशत की दर से ऋण की सुविधा भी मिल सकती है।

तीन किलोवाट तक 98 हजार रुपये तक अनुदान

कार्यक्रम में दी गई जानकारी के अनुसार, एक किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलाकर 40 हजार रुपये तक, दो किलोवाट पर 80 हजार रुपये तक तथा तीन किलोवाट और उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर 98 हजार रुपये तक अनुदान का प्रावधान बताया गया।

जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के अधिकारियों ने आम लोगों से योजना के संबंध में जागरूक होकर पात्रता के अनुसार इसका लाभ लेने की अपील की। विभाग के अनुसार, जिले में योजना को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और लगातार नए आवेदक इससे जुड़ रहे हैं।

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