सुपौल में दिशा की बैठक में 25,991 आवास समेत विकास योजनाओं की समीक्षा, लंबित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश

Report: A.K. Chaudhary

सुपौल जिले के समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में बुधवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सुपौल सांसद सह दिशा समिति के अध्यक्ष दिलेश्वर कामैत ने की। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न केंद्र एवं राज्य सरकार की विकास योजनाओं की प्रगति की विभागवार समीक्षा की गई। सांसद ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।

बैठक में जिलाधिकारी सावन कुमार, उप विकास आयुक्त इन्द्रवीर कुमार, अपर समाहर्त्ता सचिदानन्द सुमन, निर्मली विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, पिपरा विधायक रामविलास कामत, त्रिवेणीगंज विधायक सोनम रानी, जिला परिषद अध्यक्ष कमला देवी, सभी प्रखंड प्रमुख एवं दिशा समिति के मनोनीत सदस्य समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा

विकसित भारत जी-राम-जी योजना की समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्धारित 17,19,552 मानव दिवस के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 10,27,210 मानव दिवस का सृजन किया गया है, जो लक्ष्य का 59.74 प्रतिशत है। योजना के तहत क्रियान्वित योजनाओं में 93.14 प्रतिशत योजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं, जबकि शेष योजनाओं पर कार्य जारी है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में अब तक कुल 25,991 आवासों का निर्माण पूर्ण कराया गया है। अपूर्ण आवासों को जल्द पूरा कराने के साथ लाभुकों को द्वितीय एवं तृतीय किस्त की राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने की जानकारी दी गई।

स्वच्छता और जल संरक्षण पर भी हुई चर्चा

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित 21 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में से 19 का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं जिले में लक्षित 174 वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (WPU) में से 172 का निर्माण पूरा हो चुका है। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के द्वितीय चरण के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण पूरा करने वाले 7,315 लाभुकों को सहायता राशि का भुगतान किया गया है। जल शक्ति अभियान के तहत विभिन्न संरचनाओं से संबंधित 7,214 कार्य पूर्ण कराए जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई।

जीविका से 38 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह जुड़े

जीविका की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सुपौल जिले में अब तक 38,484 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। ग्रामीण स्तर पर प्रत्येक परिवार को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के लिए वार्ड स्तर पर सर्वे का कार्य किया जा रहा है। जीविका समूहों के माध्यम से बकरी पालन, पोषक बगीचा, कपड़ा सिलाई, मलवरी खेती तथा नीरा के उत्पादन एवं बिक्री जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

सड़क और पुल निर्माण की स्थिति

ग्रामीण कार्य प्रमंडल सुपौल की ओर से बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चार योजनाओं की निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और सभी योजनाओं पर कार्य चल रहा है। ग्रामीण कार्य प्रमंडल त्रिवेणीगंज के तहत PMGSY फेज-3 की 14 सड़क योजनाओं का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वहीं PMGSY पुल फेज-3 के तहत स्वीकृत सात उच्चस्तरीय पुलों में से पांच का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि दो पुलों का निर्माण कार्य जारी है।

पेंशन योजनाओं में हजारों लाभुक लाभान्वित

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 9,317, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के 151, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्त पेंशन योजना के 186, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 8,537 तथा मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के 2,07,085 लाभुक डीबीटी के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं।

शिक्षा और सांसद निधि की भी समीक्षा


शिक्षा विभाग ने बताया कि जिले के 1,700 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में पीएम पोषण योजना संचालित की जा रही है। भोजन की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच की जाती है। बिना भवन वाले विद्यालयों को चिह्नित कर भवन निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त आवंटन के विरुद्ध 45 योजनाएं स्वीकृत की गई थीं, जिनमें से 44 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वीकृत 31 योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कार्रवाई जारी है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), नल-जल योजना समेत अन्य विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक के अंत में सांसद सह दिशा समिति अध्यक्ष दिलेश्वर कामैत ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।

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