सुपौल: वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर सरस्वती शिशु मंदिर में गूंजा राष्ट्रगीत

Report: A.K. Chaudhary

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती एवं राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुक्रवार को जिले के सिमराही स्थित विद्या भारती लोक शिक्षा समिति के अंतर्गत संचालित रामप्रसाद सावित्री देवी सरस्वती शिशु मंदिर, पिपराही में सामूहिक वंदे मातरम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के साथ छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं, आचार्यों एवं उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम का गायन किया। इस दौरान विद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों और राष्ट्रभक्ति के भाव से गूंज उठा।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य संतोष कुमार भारती ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान, एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है। विद्यार्थियों में देशप्रेम, संस्कार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना विद्यालय का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों के विचारों से परिचित कराने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव राजेश कुमार चौधरी, विद्यालय के आचार्य, प्रबंधन समिति के सदस्य, अभिभावक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। वक्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, उनके विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

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