
Report: A.K. Chaudhary
सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के सिमराही में एनएच 27 किनारे अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्र का रविवार की शाम एसडीएम विनय कुमार ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में कई तरह की अव्यवस्थाएं सामने आईं। केंद्र के संचालन से संबंधित आवश्यक कागजात और लाइसेंस नहीं मिलने पर एसडीएम ने संचालक को फटकार लगाई और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया। प्रशासन की टीम ने केंद्र में मरीजों को दी जाने वाली दवाइयां भी जब्त कीं।

निरीक्षण के दौरान रेफरल अस्पताल राघोपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपनारायण राम, राघोपुर थाना पुलिस मौजूद थे। एसडीएम ने केंद्र के अलग-अलग हिस्सों का जायजा लिया और वहां भर्ती मरीजों की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान केंद्र में कुल 70 लोग भर्ती पाए गए।
एसडीएम विनय कुमार ने बताया कि प्रशासन को सूचना मिली थी कि राघोपुर क्षेत्र में बिना आवश्यक अनुमति के नशा मुक्ति केंद्र का संचालन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर रविवार की शाम एमवाईसी और राघोपुर थाना पुलिस के साथ केंद्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नशा मुक्ति केंद्र के संचालन से संबंधित आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए। जांच में केंद्र का संचालन अवैध रूप से किए जाने की बात सामने आई। उन्होंने बताया कि केंद्र में 70 लोग भर्ती मिले। केंद्र की व्यवस्था और मरीजों के रहने की स्थिति को देखते हुए संचालक को सभी मरीजों को 24 घंटे के अंदर उनके घर भेजने का निर्देश दिया गया है। साथ ही एमवाईसी और राघोपुर थाना पुलिस को मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। निरीक्षण के दौरान मरीजों को खिलाई जाने वाली दवाइयों को भी प्रशासन की टीम ने जब्त किया।
वहीं, रेफरल अस्पताल राघोपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपनारायण राम ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र बिना लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान केंद्र में 70 मरीज मिले। उन्होंने बताया कि मरीजों को काफी अस्वच्छ और अनहाइजिनिक तरीके से रखा गया था। ऐसी स्थिति को देखते हुए सभी मरीजों को 24 घंटे के अंदर घर भेजने का निर्देश दिया गया है। चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि मरीजों को हटाए जाने के बाद केंद्र के संचालन से जुड़े मामले में संबंधित लोगों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना आवश्यक अनुमति और लाइसेंस के ऐसे संस्थानों का संचालन किए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।







