
Report: A.K. Chaudhary
सुपौल जिला मुख्यालय अंगर्गत समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत बैंकों द्वारा दिए जा रहे ऋण की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में सोलर पैनल लगाने के लिए प्राप्त आवेदनों, बैंक ऋण की स्थिति और लंबित आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा की गई।
बैठक में विद्युत कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल सुपौल आलोक कुमार रंजन, विद्युत कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल राघोपुर धनन्जय कुमार सिंह, सहायक विद्युत अभियंता सुपौल आशुतोष कुमार शर्मा के अलावा जिले के सभी सहायक एवं कनीय विद्युत अभियंता, अग्रणी बैंक प्रबंधक, विभिन्न बैंकों के पदाधिकारी-कर्मी, योजना से जुड़े वेंडर तथा विद्युत विभाग के कर्मी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर संयंत्र लगाने के लिए प्राप्त आवेदनों की बैंक स्तर पर ऋण स्वीकृति और वितरण की स्थिति की जानकारी ली। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 28 सितंबर 2026 तक जिले में सोलर अधिष्ठापन के लिए कुल 20,470 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 1,433 आवेदन ऋण के लिए विभिन्न बैंकों के पास उपलब्ध हैं।
इनमें से अब तक 232 आवेदकों को बैंक द्वारा ऋण प्रदान किया जा चुका है, जबकि 606 आवेदन अभी ऋण प्रदान करने के लिए बैंकों के पास लंबित हैं। समीक्षा के दौरान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक में सबसे अधिक आवेदन लंबित पाए गए।
जिलाधिकारी ने ऋण वितरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों को लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। विशेष रूप से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कटैया, त्रिवेणीगंज और किशनपुर (अंदौली) शाखा, बैंक ऑफ इंडिया की त्रिवेणीगंज शाखा तथा पंजाब नेशनल बैंक की पिपरा खुर्द और त्रिवेणीगंज शाखा में ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अग्रणी बैंक प्रबंधक, सुपौल समेत संबंधित बैंकों के पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर लंबित 606 आवेदकों को ऋण उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया। वहीं, जिन बैंकों ने ऋण वितरण के मामले में बेहतर कार्य किया है, उनके कार्यों की सराहना की गई।
डीएम ने योजना में तेजी लाने के लिए संबंधित कनीय विद्युत अभियंताओं और वेंडरों को भी आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में ULA Scheme की भी समीक्षा की गई और संबंधित एजेंसी को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
459 घरों की छत पर लग चुका है सोलर संयंत्र
बैठक के अंत में विद्युत कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल सुपौल ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, उपभोक्ता संख्या, मोबाइल नंबर, बैंक खाते से संबंधित विवरण और छत के स्वामित्व का प्रमाण पत्र आवश्यक है। छत के स्वामित्व संबंधी प्रमाण पत्र स्व-अभिप्रमाणित भी किया जा सकता है।
लाभुक योजना के लिए pmsuryaghar.gov.in, प्ले स्टोर पर उपलब्ध बिहार ऐप और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजना के तहत बैंकों के माध्यम से 5.75 प्रतिशत की दर से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, सोलर संयंत्र की क्षमता के अनुसार केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से अनुदान का प्रावधान है। एक किलोवाट के संयंत्र पर 40 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 80 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर 98 हजार रुपये तक का अनुदान दिए जाने की जानकारी बैठक में दी गई।
विद्युत विभाग के अनुसार अब तक सुपौल जिले में 459 लाभुकों के घरों की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा चुका है। इन संयंत्रों के माध्यम से लाभुक अपने उपयोग के लिए बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। अन्य प्राप्त आवेदनों पर पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर सोलर संयंत्र लगाने की प्रक्रिया चल रही है।
बैठक में बताया गया कि योजना के तहत अनुदान राशि का प्रावधान 31 मार्च 2027 तक किया गया है। अधिकारियों के अनुसार जिले में आम लोगों के बीच भी योजना को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और लोग इससे जुड़कर सौर ऊर्जा का लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं।







