मधेपुरा: CMO की सख्ती के बाद बड़ी कार्रवाई, तीन थानाध्यक्ष निलंबित, लापरवाही पर एसपी का कड़ा संदेश

मुख्यमंत्री कार्यालय की सख्त मॉनिटरिंग के बाद मधेपुरा जिले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। अपराधियों की गिरफ्तारी, एफआईआर दर्ज करने में ढिलाई और कर्तव्यहीनता के आरोप में भर्राही, बिहारीगंज और पुरैनी थाना के तीन थानाध्यक्षों को निलंबित कर लाइन हाजिर किया गया है। पुलिस अधीक्षक के इस कदम से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

News Desk Madhepura:

बिहार के मधेपुरा जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन और आम लोगों की शिकायतों के समाधान में बरती जा रही लापरवाही अब पुलिस अधिकारियों पर भारी पड़ने लगी है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) स्तर से हो रही लगातार मॉनिटरिंग और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के बाद जिले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। कर्तव्य निर्वहन में शिथिलता, प्राथमिकी दर्ज करने में देरी तथा अपराधियों की गिरफ्तारी में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाने के आरोप में तीन थाना प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने विभागीय कार्रवाई करते हुए भर्राही थाना, बिहारीगंज थाना और पुरैनी थाना के थानाध्यक्षों को लाइन हाजिर कर दिया। निलंबित किए गए अधिकारियों में पुरैनी थानाध्यक्ष चंद्रजीत प्रभाकर, बिहारीगंज थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह तथा भर्राही थानाध्यक्ष अरमोद कुमार सिंह शामिल हैं। यह कार्रवाई जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ समय से इन थाना क्षेत्रों से शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों में अपराध से जुड़े मामलों में कार्रवाई में देरी, पीड़ितों की शिकायतों पर तत्परता नहीं दिखाना, एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक विलंब और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सुस्ती जैसे बिंदु शामिल थे। इन शिकायतों की मॉनिटरिंग उच्च स्तर पर की जा रही थी, जिसके बाद जांच में कई बिंदुओं की पुष्टि होने पर यह कठोर कदम उठाया गया।

प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था भी लागू कर दी है। तीनों थानों में फिलहाल अपर थानाध्यक्षों को अस्थायी रूप से प्रभार सौंपा गया है, ताकि आम लोगों को पुलिस सेवाओं में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि नियमित थानाध्यक्षों की प्रतिनियुक्ति जल्द की जाएगी।

एसपी संदीप सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाएगा। अपराध नियंत्रण, प्राथमिकी पंजीकरण, अनुसंधान और आरोपियों की गिरफ्तारी जैसे मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जिले के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि भविष्य में किसी भी अधिकारी के कार्य में लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी इसी तरह कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और इसे प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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