Report: A.K Chaudhary
सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-13 स्थित ब्रह्मस्थान चौक के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान सेंट जेवियर्स हाई स्कूल ने सीबीएसई कक्षा 12वीं परीक्षा परिणाम में शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम से न सिर्फ विद्यालय परिवार में उत्साह और खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे सुपौल जिले में इस उपलब्धि की चर्चा हो रही है। सीबीएसई द्वारा बुधवार को 12वीं का रिजल्ट किया गया।
इस वर्ष विद्यालय के छात्र रेहान आर्यन ने 96.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सुपौल जिले में प्रथम स्थान हासिल किया और विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। रेहान की इस अभूतपूर्व सफलता ने पूरे जिले में एक नई मिसाल कायम की है। खास बात यह है कि रेहान आर्यन इससे पहले अपने पहले ही प्रयास में जेईई मेन परीक्षा में 99.82 परसेंटाइल प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं। अब सीबीएसई 12वीं परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने एक बार फिर विद्यालय और जिले का गौरव बढ़ाया है।
बताया जा रहा है कि रेहान की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासित दिनचर्या, निरंतर अभ्यास और लक्ष्य के प्रति अटूट समर्पण रहा है। सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया, जिससे अन्य छात्र-छात्राओं को भी प्रेरणा मिल रही है।
जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल बन गया। छात्र-छात्राएं खुशी से झूम उठे, वहीं अभिभावकों और शिक्षकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। विद्यालय परिसर में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला।
विद्यालय के प्रबंधक राहुल आनंद ने इस अवसर पर कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों की निष्ठा और अभिभावकों के विश्वास का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है।
विद्यालय के प्राचार्य सर्वेश कुमार तिवारी तथा प्रशासक विश्वासचन्द्र मिश्रा ने भी इस शानदार उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय में अनुशासित शैक्षणिक वातावरण, नियमित कक्षाएं, अभ्यास परीक्षाएं और विशेष मार्गदर्शन सत्रों का ही परिणाम है कि छात्र लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
विद्यालय के शिक्षकों ने भी छात्रों की मेहनत की सराहना करते हुए बताया कि पूरे वर्ष नियमित अध्ययन, अतिरिक्त कक्षाएं, पुनरावृत्ति सत्र और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के कारण यह शानदार परिणाम संभव हो सका।







