सुपौल: राघोपुर को मिली पहली अमृत भारत एक्सप्रेस, रेलवे बोर्ड ने दी स्वीकृति; न्यू जलपाईगुड़ी से अमृतसर तक चलेगी साप्ताहिक सेवा

राघोपुर और कोसी-सीमांचल-मिथलांचल क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात मिली है। रेलवे बोर्ड ने अमृतसर–न्यू जलपाईगुड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस के परिचालन को मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन ललितग्राम बायपास और अररिया-गलगलिया रेलखंड होते हुए राघोपुर समेत कई स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

Report: A.K Chaudhary

सुपौल जिले के राघोपुर सहित कोसी-सीमांचल-मिथलांचल क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने 14663/14664 अमृतसर–न्यू जलपाईगुड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस के परिचालन को मंजूरी दे दी है। जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार यह ट्रेन अब नए निर्धारित रूट और समय-सारणी के साथ संचालित की जाएगी। खास बात यह है कि यह ट्रेन ललितग्राम बायपास तथा अररिया–गलगलिया के नवनिर्मित रेलखंड से होकर गुजरेगी, जिससे राघोपुर क्षेत्र को पहली बार अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक लंबी दूरी की ट्रेन की सुविधा मिलेगी।

रेलवे बोर्ड द्वारा 11 मई 2026 को जारी आदेश में बताया गया है कि ट्रेन संख्या 14664 अमृतसर–न्यू जलपाईगुड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक गुरुवार को दोपहर 12:45 बजे अमृतसर से प्रस्थान करेगी और विभिन्न प्रमुख स्टेशनों से होते हुए शनिवार सुबह 4:15 बजे न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 14663 न्यू जलपाईगुड़ी–अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक शनिवार सुबह 8:00 बजे न्यू जलपाईगुड़ी से रवाना होकर सोमवार तड़के 2:20 बजे अमृतसर पहुंचेगी।

रेलवे बोर्ड के पत्र के अनुसार इस ट्रेन का ठहराव जालंधर सिटी, लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, गोंडा, बहराइच, गोरखपुर, नरकटियागंज, रक्सौल, सीतामढ़ी, सकरी, झंझारपुर, निर्मली, राघोपुर, नरपतगंज, फारबिसगंज, अररिया, ठाकुरगंज, बागडोगरा और सिलीगुड़ी समेत कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर होगा।

इस ट्रेन के परिचालन से राघोपुर सहित सीमांचल और मिथलांचल क्षेत्र के यात्रियों को पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच सीधी और बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

बताया जा रहा है कि इस महत्वपूर्ण रेल सेवा को राघोपुर क्षेत्र तक पहुंचाने में सुपौल सांसद दिलेश्वर कामैत की लगातार पहल और रेलवे मंत्रालय के समक्ष उठाई गई मांग की अहम भूमिका रही है। रेलवे बोर्ड की स्वीकृति के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग इसे कोसी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मान रहे हैं।

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