News Desk Patna:
बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 को ध्यान में रखते हुए आर्थिक मजबूती, तकनीकी विकास, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन से जुड़े कई अहम निर्णय लिए हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इन फैसलों का सीधा लाभ राज्य के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बैठक के बाद सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि राज्य के विकास कार्यों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 72,901.30 करोड़ रुपये तक ऋण जुटाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें लगभग 64,141.28 करोड़ रुपये बाजार ऋण के माध्यम से जुटाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को गति देने में किया जाएगा।
राज्य सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते में वृद्धि को मंजूरी दी है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन और पेंशन प्राप्त करने वाले कर्मियों को अब 58 प्रतिशत के स्थान पर 60 प्रतिशत डीए मिलेगा। वहीं छठे वेतनमान के लाभार्थियों के लिए महंगाई भत्ता 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा पांचवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 474 प्रतिशत की जगह 483 प्रतिशत डीए मिलेगा। सरकार के इस निर्णय से लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि सरकार विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार कर रही है।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ को भी मंजूरी दी है। इस योजना का लक्ष्य राज्य में प्रदूषण कम करना और वर्ष 2030 तक नए वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी को कम-से-कम 30 प्रतिशत तक पहुंचाना है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन से रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।
इसी क्रम में सरकार ने Bihar Electric Vehicle Policy 2023 के कुछ प्रावधानों में संशोधन को भी मंजूरी दी है। संशोधित व्यवस्था के तहत इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाहन, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों तथा महिलाओं के लिए चारपहिया गैर-वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और निबंधन पर प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आम लोगों, विशेषकर महिलाओं और स्वरोजगार से जुड़े युवाओं को लाभ मिलने की संभावना है।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी नवाचार, महिला सशक्तिकरण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए आने वाले समय में और कई योजनाएं लागू की जाएंगी। कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य की आर्थिक और तकनीकी दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







