नालंदा के शीतला माता मंदिर में भीड़ के बीच भगदड़, 8 की मौत, कई घायल, पीएम मोदी ने जताया दुख

नालंदा के शीतला माता मंदिर में चैत्र के आखिरी मंगलवार को भारी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी पर सवाल उठ रहे हैं।

News Desk Nalanda:

बिहार के नालंदा जिला के दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित मघड़ा गांव में मंगलवार को आस्था का बड़ा केंद्र शीतला माता मंदिर उस वक्त हादसे का शिकार हो गया, जब चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार पर भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक घटना में अब तक 8 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।

भीड़ और अव्यवस्था बनी हादसे की वजह

चैत्र महीने के अंतिम मंगलवार को शीतला माता के दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भारी भीड़ जमा होने लगी थी। लेकिन मौके पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल और प्रशासनिक व्यवस्था नहीं होने के कारण हालात धीरे-धीरे बिगड़ने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दर्शन के लिए लगी कतार अचानक अनियंत्रित हो गई। कुछ लोग जल्दी दर्शन करने के लिए लाइन तोड़कर आगे बढ़ने लगे, जिससे धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। इसी दौरान भगदड़ की स्थिति बन गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन और अस्पताल में अफरा-तफरी

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने घायल श्रद्धालुओं को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया। डॉक्टरों ने इलाज के दौरान 8 लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि कई घायलों का इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की तैयारी पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना के बावजूद सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।

यह भी चर्चा में है कि आज ही नालंदा विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी के कारण प्रशासन का फोकस वहां अधिक था, जिससे मंदिर परिसर में पुलिस बल की कमी रह गई।

प्रधानमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने जताया शोक

घटना पर नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है।

वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

जांच और आगे की कार्रवाई

घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के संकेत दिए हैं। शुरुआती तौर पर भीड़ नियंत्रण में लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की कमी को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी में है।

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