समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण में सुपौल के बाद मधेपुरा पहुंचे CM नीतीश, 216 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन, 86 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास, राज्यसभा मुद्दे पर रहे खामोश

समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मधेपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने 216 करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन और 86 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। जनसभा में विकास कार्यों का जिक्र किया, लेकिन राज्यसभा जाने के सवाल पर कोई टिप्पणी नहीं की।

News Desk Madhepura:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को ‘समृद्धि यात्रा’ के तीसरे चरण के तहत सुपौल के बाद मधेपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हुए विकास कार्यों, बेहतर होती प्रशासनिक व्यवस्था तथा वर्ष 2005 के बाद राज्य में आए बदलावों का विस्तार से उल्लेख किया। हालांकि पूरे संबोधन के दौरान उन्होंने राज्यसभा जाने से जुड़े सवाल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें तेज हो गई हैं।

मधेपुरा पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने सुपौल में भी लोगों को संबोधित किया था। वहां भी उन्होंने करीब 40 मिनट से अधिक समय तक सरकार की उपलब्धियों और आने वाली योजनाओं पर चर्चा की, मगर राज्यसभा से संबंधित विषय पर चुप्पी बनाए रखी। इसी कारण लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री खुलकर बोलने से क्यों बच रहे हैं।

मधेपुरा में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। उनके अनुसार उस दौर में शाम होते ही लोग घर से बाहर निकलने से डरते थे और अपराध की घटनाएं आम थीं। उन्होंने कहा कि बाद के वर्षों में प्रशासनिक सुधार के कारण कानून का राज स्थापित हुआ तथा सभी समुदायों के लोगों को समान रूप से विकास का लाभ मिला।

सभा से पहले मुख्यमंत्री ने मधेपुरा के नवनिर्मित पुलिस लाइन परिसर का उद्घाटन किया। यह भवन लगभग 56 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है। इसके अलावा जिले में 216 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन तथा करीब 86 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिले के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की। इनमें मुरलीगंज चौक से योगीराज तक सड़क चौड़ीकरण, मधेपुरा में डेयरी प्लांट स्थापना, प्रेक्षा भवन निर्माण, चौसा में पावर ग्रिड सब-स्टेशन, सिंहेश्वर धाम क्षेत्र का विकास, चौसा और आलमनगर मार्ग चौड़ीकरण सहित विभिन्न प्रखंडों में नए अंचल व प्रखंड कार्यालयों का निर्माण शामिल है।

उन्होंने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 3 लाख 95 हजार से अधिक महिला समूहों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। आगे उन्हें दो-दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जा रही है। साथ ही 162 पंचायतों में सुधा दूध बिक्री केंद्र खोलने तथा दुग्ध उत्पादन समितियों के गठन की तैयारी भी चल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज स्थापित करने, मधेपुरा सदर अस्पताल को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में कार्य जारी है। उनका लक्ष्य एक करोड़ युवाओं को नौकरी अथवा स्वरोजगार उपलब्ध कराना है। आने वाले वर्षों में उद्योगों को बढ़ावा देने तथा बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने की योजना भी बनाई जा रही है।

सभा में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने राज्यसभा को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत निर्णय है। वहीं कई समर्थकों ने नारे लगाते हुए उनसे बिहार में ही रहकर नेतृत्व जारी रखने की अपील की।

बता दें कि मुख्यमंत्री समृद्धि यात्रा के दौरान तीन दिनों तक मधेपुरा में विधान पार्षद ललन सर्राफ के आवास पर ठहरेंगे। यहां से वे कोसी और सीमांचल क्षेत्र के विभिन्न जिलों का दौरा कर विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे। हालांकि राज्यसभा नामांकन के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा लगातार तेज होती जा रही है।

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