News Desk Supaul:
सुपौल जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भपटियाही थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी खेप बरामद करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे एक बिना नंबर वाले ऑटो को भी जब्त किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी देते हुए भपटियाही थाना अध्यक्ष प्रजेश कुमार दुबे ने बताया कि पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि लालगंज गांव के समीप पुल के रास्ते बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप एक ऑटो के माध्यम से ले जाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम का गठन किया गया और संभावित मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी गई।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन की पहचान कर उसे रोक लिया। जांच के दौरान वाहन की बारीकी से तलाशी ली गई। प्रारंभिक तौर पर ऑटो में पानी की आपूर्ति से संबंधित सामान दिखाई दे रहा था, लेकिन जब पुलिस ने गहन जांच की तो एक बड़ी पानी की टंकी के भीतर छिपाकर रखी गई 360 बोतल प्रतिबंधित कोरेक्स कफ सिरप बरामद हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार तस्करों ने संदेह से बचने के लिए ऑटो में कई पानी के जार भी रखे थे, जिससे वाहन आम जल आपूर्ति करने वाले वाहन जैसा प्रतीत हो। हालांकि पुलिस की सतर्कता और सूचनातंत्र की सक्रियता के कारण तस्करों की यह चाल सफल नहीं हो सकी और पूरी खेप के साथ चारों आरोपितों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान राघोपुर थाना क्षेत्र के धर्मपट्टी गांव निवासी मिथुन कुमार और सुमन कुमार, सिमराही बाजार निवासी कुंदन कुमार तथा भपटियाही थाना क्षेत्र की मुरली पंचायत निवासी उमेश कुमार यादव के रूप में की गई है। पुलिस ने सभी आरोपितों से पूछताछ शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रतिबंधित कफ सिरप की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
थानाध्यक्ष ने बताया कि बरामद कफ सिरप, ऑटो तथा अन्य संबंधित सामग्री को विधिवत जब्त कर लिया गया है। मामले में भपटियाही थाना कांड संख्या 52/26 दर्ज करते हुए चारों आरोपितों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य संभावित तस्करों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।







