सुपौल: 182 लाख की सड़क योजना 6 वर्षों से अधर में, पुल-पुलिया बनकर तैयार लेकिन सड़क निर्माण शुरू नहीं, बारिश में गड्ढों और जलजमाव से जूझ रहे ग्रामीण

सुपौल के राघोपुर प्रखंड स्थित धरहारा पंचायत के चिकनापट्टी में मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत 182.227 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित 2.1 किमी सड़क का निर्माण 6 वर्षों बाद भी शुरू नहीं हो सका है। पुल-पुलिया निर्माण के बावजूद सड़क अधूरी है, जिससे बारिश में गड्ढों और जलजमाव के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Report: A.K Chaudhary

सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड के धरहारा पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 6 से वार्ड संख्या 7 तक प्रस्तावित मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना की सड़क वर्षों से अधूरी पड़ी है। करीब 182.227 लाख रुपये की लागत से बनने वाली 2.100 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

निर्माण कार्य का लगा अधूरा बोर्ड

यह सड़क एनएच-131 वार्ड संख्या 6 धोबियाही से चिकनापट्टी होते हुए वार्ड संख्या 7 स्थित छोटन मंडल घर डुमरी मार्ग को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह योजना करीब 6 वर्ष पूर्व स्वीकृत हुई थी। निर्माण कार्य को लेकर विभाग द्वारा सूचना बोर्ड भी लगाया गया था, लेकिन वर्तमान में बोर्ड पर अंकित प्राक्कलित राशि और संवेदक का नाम मिट चुका है। इससे योजना की पारदर्शिता और कार्य की प्रगति को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

कीचड़मय सड़क

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के नाम पर केवल कुछ स्थानों पर पुल-पुलिया का निर्माण कराया गया है और उन पर रंग-रोगन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है, लेकिन मुख्य सड़क का निर्माण शुरू करने की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। स्थिति यह है कि वर्षों बीत जाने के बाद भी सड़क पर एक ईंट तक नहीं रखी गई है।

बनकर तैयार पुल-पुलिया

ग्रामीण वासुदेव यादव, प्रभाष यादव, सुनील लाल, रूपेश कुमार, शंकर यादव, रामदेव यादव, कमलदेव यादव, संतोष शर्मा, प्रमोद चौधरी, विकाश चौधरी, बाबुनन्द यादव, मो. सैलून साफी, अशोक साह, मो. मजेबुल्लाह सहित अन्य लोगों ने बताया कि बरसात के मौसम में इस मार्ग की स्थिति अत्यंत खराब हो जाती है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा रहता है। इसके कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है, जबकि बाइक और अन्य वाहनों का परिचालन भी जोखिम भरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने कहा कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान, छात्र-छात्राएं, मजदूर, महिलाएं और बुजुर्ग आवागमन करते हैं। बारिश के दौरान कई बार लोगों को कीचड़ और जलजमाव से होकर गुजरना पड़ता है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। कई बार वाहन फंस जाते हैं, जिससे लोगों को घंटों परेशान होना पड़ता है।

सड़क पर लगा बारिश का पानी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन संबंधित विभाग और अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की योजना स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।

जानकारी के अनुसार इस सड़क का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग, वीरपुर के कार्यपालक अभियंता के माध्यम से कराया जाना है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से अविलंब सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। साथ ही योजना में हुई देरी की जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों की जीवनरेखा है, जिसे वर्षों से उपेक्षित रखा गया है।

मामले को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग, राघोपुर के सहायक अभियंता अंजन कुमार ने कहा कि पूर्व में किये गए बांकी कार्यो को रिसाइन कर दिया गया। पुनः डीपीआर तैयार कर विभाग को समर्पित किया गया है। टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू किया जाएगा। निविदा के प्रक्रिया के उपरांत कार्य को प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व के कॉन्ट्रेक्टर को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

Leave a Comment

[democracy id="1"]