News Desk Patna:
बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला गया छात्रों का राजभवन मार्च उस समय उग्र हो गया, जब जेपी गोलंबर के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान गांधी मैदान थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं गांधी मैदान क्षेत्र से राजभवन मार्च के लिए निकले थे। प्रदर्शनकारी हाल के पेपर लीक मामलों, शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
जेपी गोलंबर पर रोका गया मार्च
राजभवन की ओर बढ़ रहे छात्रों को पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक लौटने की अपील की, लेकिन कुछ छात्र बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

वाटर कैनन के बाद लाठीचार्ज
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने पहले वाटर कैनन से पानी की बौछार कर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे। इसके बाद पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। घटनास्थल पर कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया और प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागने लगे।

गांधी मैदान थानाध्यक्ष का सिर फटा
झड़प के दौरान गांधी मैदान थानाध्यक्ष गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका सिर फट गया, जिसके बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा कई अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आने की सूचना है। सभी घायलों का प्राथमिक उपचार कराया गया।
डाकबंगला चौराहे तक पहुंचा प्रदर्शन
जेपी गोलंबर से आगे बढ़े कुछ प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए, जहां पहले से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। पुलिस ने वहां भी बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ गई।
छात्रों की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। वे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
संसद में भी गूंजा मुद्दा
उधर, संसद के मानसून सत्र के दौरान भी शिक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संसद परिसर और मकर द्वार के बाहर विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
फिलहाल पटना में स्थिति नियंत्रण में है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।







