
News Desk Patna:
दुर्गा पूजा सहित आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने को लेकर बिहार सरकार ने प्रशासन और पुलिस को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी प्रीता वर्मा ने संयुक्त रूप से बैठक कर राज्य में कानून-व्यवस्था, पूजा पंडालों, विसर्जन जुलूस, भीड़ नियंत्रण और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पूरे राज्य में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि त्योहारों के सीजन की शुरुआत यदि शांतिपूर्ण माहौल में होती है तो आगे के सभी पर्व भी शांति और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने में मदद मिलेगी। बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार भी मौजूद रहे।
पूजा पंडाल और विसर्जन जुलूस के लिए लाइसेंस अनिवार्य
जारी निर्देश के अनुसार सभी पूजा पंडालों, मूर्तियों और विसर्जन जुलूसों के लिए शत-प्रतिशत लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। जुलूस में शामिल 10 से 25 जिम्मेदार लोगों से अंडरटेकिंग भी ली जाएगी। इसके अलावा जुलूस के पूरे मार्ग की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराने का निर्देश दिया गया है।
हथियार और उत्तेजक नारों पर रहेगी रोक
पूजा पंडालों और जुलूसों में किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित हथियारों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। भड़काऊ या उत्तेजक गाने और आपत्तिजनक नारे भी नहीं लगाए जा सकेंगे। ऐसी किसी भी झांकी, चित्र या प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी, जिससे किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचने की आशंका हो।
डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित, लाउडस्पीकर के लिए नियम
प्रशासन की ओर से डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू किया गया है। वहीं लाउडस्पीकर का इस्तेमाल निर्धारित अनुमति के साथ ही किया जा सकेगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सभी डीजे ऑपरेटरों और लाउडस्पीकर संचालकों का अनुमंडल कार्यालय में पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है। इसकी सूची संबंधित थानों में भी उपलब्ध रहेगी।
भीड़ वाले स्थानों पर अलग प्रवेश और निकास
अत्यधिक भीड़ वाले पूजा स्थलों पर सुगम आवागमन के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग द्वार बनाए जाएंगे। आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा दल, एंबुलेंस, क्यूआरटी, एसडीआरएफ, सीसीटीवी कैमरे और वॉच टावर की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। रावण वध स्थलों और मूर्ति विसर्जन के लिए चिन्हित घाटों पर गोताखोरों और बचाव दल की मुस्तैदी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल
डीजीपी प्रीता वर्मा ने प्रमुख संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया। उन्होंने शांति समितियों की बैठकों में हर उम्र वर्ग के लोगों को शामिल करने पर जोर दिया। बड़े पूजा पंडालों का फायर ऑडिट कराने के साथ महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है।
सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर
महानिदेशक (अभियान एवं विशेष शाखा) कुंदन कृष्णन ने मूर्ति विसर्जन और विसर्जन जुलूसों की सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। जिला नियंत्रण कक्षों का समय-समय पर औचक निरीक्षण करने को भी कहा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से धर्म, जाति या भाषा के आधार पर नफरत और अफवाह फैलाने, धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
त्योहारों के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य दुर्गा पूजा और आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में संपन्न कराना है।







