Report: A.K. Chaudhary
सुपौल जिले के वीरपुर अनुमंडल में इन दिनों एसडीएम विनय कुमार अपनी सक्रिय कार्यशैली और लगातार क्षेत्र भ्रमण को लेकर चर्चा में हैं। अनुमंडल क्षेत्र में सरकारी व्यवस्था को दुरुस्त करने और आम लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर उनकी सक्रियता लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। वे लगभग प्रत्येक दिन विभिन्न सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, बाजारों, होटलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इस दौरान वे न केवल कमियों को चिह्नित कर रहे हैं, बल्कि संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक सुधार के निर्देश भी दे रहे हैं।

शिक्षा व्यवस्था से लेकर जनसमस्याओं, अतिक्रमण, सरकारी कार्यालयों में कामकाज और बाजारों की व्यवस्था तक उनकी नजर बनी हुई है। उनकी इस कार्यशैली को देखकर स्थानीय लोगों में सकारात्मक चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि विनय कुमार के वीरपुर एसडीएम के रूप में पदभार संभालने के बाद महज चार महीने में प्रशासनिक गतिविधियों में सक्रियता बढ़ी है। विभिन्न समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और उनके समाधान की दिशा में पहल भी देखने को मिल रही है।

इसी सक्रियता की एक सकारात्मक तस्वीर राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय मोतीपुर में भी देखने को मिल रही है। विगत दिनों एसडीएम विनय कुमार ने विद्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों, बच्चों की उपस्थिति और पठन-पाठन की व्यवस्था का जायजा लिया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था।
बताया जा रहा है कि एसडीएम के निरीक्षण के बाद विद्यालय की व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। खासकर कंप्यूटर शिक्षा को लेकर विद्यालय में पहले की अपेक्षा बेहतर स्थिति बनी है। अब विद्यालय में कंप्यूटर की पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित होने लगी है। इसका सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि छात्राओं में कंप्यूटर सीखने को लेकर रुचि बढ़ रही है। छात्राएं अब कंप्यूटर शिक्षा में उत्साह के साथ भाग ले रही हैं। इससे विद्यालय में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ छात्राओं का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।

न्यूज एक्सप्रेस बिहार से खास बातचीत के दौरान एसडीएम विनय कुमार ने बताया कि उन्हें बच्चों के बीच जाना और उनके साथ समय बिताना काफी अच्छा लगता है। विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और रुचि को समझने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय मोतीपुर में निरीक्षण के दौरान बच्चों में कंप्यूटर के प्रति लगाव देखकर उन्हें काफी संतुष्टि मिली। खासकर छात्राओं की कंप्यूटर सीखने में बढ़ती रुचि उनके लिए खुशी की बात है।
उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़े और प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से स्कूल आकर बेहतर शिक्षा प्राप्त करे। केवल विद्यालय भवन और संसाधनों का होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सही उपयोग भी जरूरी है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे आधुनिक समय की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी रूप से भी सक्षम बनें, यह बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कंप्यूटर का ज्ञान विद्यार्थियों के भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी तकनीकी शिक्षा का बेहतर अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे आगे चलकर किसी भी क्षेत्र में पीछे न रहें।
विनय कुमार की कार्यशैली में निरीक्षण के साथ-साथ सुधार की संभावनाओं पर ध्यान देना भी शामिल दिखाई देता है। उनका मानना है कि सरकारी संस्थानों की व्यवस्था तभी बेहतर हो सकती है, जब अधिकारी जमीनी स्तर पर जाकर वास्तविक स्थिति को समझें। कार्यालयों में बैठकर केवल रिपोर्ट देखने के बजाय स्कूलों, बाजारों और आम लोगों के बीच पहुंचकर समस्याओं को जानना जरूरी है। इससे न केवल व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आती है, बल्कि संबंधित कर्मियों की जवाबदेही भी तय होती है।
स्थानीय स्तर पर उनकी सक्रियता को प्रशासन और आम जनता के बीच बेहतर संवाद की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि इसी तरह नियमित निरीक्षण, आवश्यक निर्देश और उनके अनुपालन की निगरानी जारी रही तो अनुमंडल क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, बाजार व्यवस्था और सरकारी सेवाओं में और सुधार देखने को मिलेगा।
फिलहाल, वीरपुर अनुमंडल में एसडीएम विनय कुमार की सक्रिय कार्यशैली और विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा को लेकर दिख रहा सकारात्मक बदलाव इस बात का उदाहरण बन रहा है कि जमीनी स्तर पर की गई छोटी-छोटी पहल भी विद्यार्थियों और आम लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।







