सुपौल में बुद्धा चाइल्ड हॉस्पिटल का शुभारंभ, बच्चों को मिलेगा अत्याधुनिक इलाज एवं सुविधाएं

सुपौल बस स्टैंड के सामने बुद्धा चाइल्ड हॉस्पिटल का उद्घाटन रविवार को हुआ अत्याधुनिक NICU, PICU और वेंटिलेटर सुविधा के साथ अब बच्चों को मिलेगा बेहतर इलाज।

Report: A.K Chaudhary

सुपौल शहर के बस स्टैंड के सामने रविवार, 19 अप्रैल को “बुद्धा चाइल्ड हॉस्पिटल” का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व सभापति हारून रशीद, सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा, नगर परिषद सुपौल चेयरमैन राघव झा, मिन्नत रहमानी ने फीता काटकर अस्पताल का उद्घाटन किया। उद्घाटन से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई, जिससे पूरे परिसर में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा।

सिविल सर्जन डॉ बाबू साहब झा ने अस्पताल प्रबंधकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मानवता का ध्यान रखते हुए गरीबो, मजदूर वर्ग के बच्चों के इलाज में छूट देंगे और किसी को भी इलाज के बिना वापस न जाने दे चाहे उसके पास रुपया रहे या ना रहे।

अस्पताल के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विद्यासागर (एमडी, पीडियाट्रिक्स) ने बताया कि सुपौल और आसपास के क्षेत्रों में बच्चों के बेहतर इलाज की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस अस्पताल की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि अब स्थानीय स्तर पर ही गंभीर बीमारियों से जूझ रहे नवजात और बच्चों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

“बुद्धा चाइल्ड हॉस्पिटल” में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित NICU (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) और PICU (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा वेंटिलेटर, सिपैप (CPAP) सहित अन्य उन्नत तकनीकों के जरिए बच्चों का सटीक और बेहतर इलाज किया जाएगा। यह सुविधा खासतौर पर नवजात शिशुओं और गंभीर रूप से बीमार बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के गणमान्य लोग, चिकित्सक एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने अस्पताल की स्थापना को सुपौल जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया और उम्मीद जताई कि इससे बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार होगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अब उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी। “बुद्धा चाइल्ड हॉस्पिटल” के शुरू होने से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

मौके पर डॉ निमित कुमार, डॉ तारिक अनवर, डॉ विकास कुमार, डॉ राजाराम गुप्ता, लव यादव, कैलाश कुमार आदि लोग उपस्थित थे।

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