बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन सीट के चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इस सीट से जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया है।
जेडीयू ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और वर्तमान एमएलसी नीरज कुमार को एक बार फिर उम्मीदवार बनाया है। बताया जा रहा है कि नीरज कुमार इस सीट से लगातार चौथी बार चुनाव मैदान में हैं। वहीं, अनंत सिंह ने पार्टी के फैसले से अलग रुख अपनाते हुए जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के नामांकन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया।
नामांकन के दौरान मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने अनुज सिंह की जीत को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि उनके लिए जनता ही मालिक और भगवान है। जनता जिसको अपना समर्थन देगी, वही चुनाव जीतेगा। उन्होंने अनुज सिंह की जीत की संभावना को लेकर ‘500 परसेंट’ विश्वास होने की बात कही।
जब उनसे जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के चुनाव मैदान में होने को लेकर सवाल किया गया तो अनंत सिंह ने कहा कि चुनाव में कई उम्मीदवार हैं और सभी हार जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्नातक निर्वाचन का चुनाव सामान्य पार्टी चुनाव की तरह नहीं होता और इसमें पार्टी का चुनाव चिह्न भी नहीं होता।
अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर पुराना राजनीतिक विवाद भी सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि नीरज कुमार ने उनके खिलाफ चार चुनावों में काम किया है। इसी वजह से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद की चर्चा पहले से होती रही है।
इस बीच अनंत सिंह के समर्थन से जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के चुनाव अभियान को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इससे पहले अनंत सिंह के पटना स्थित आवास पर बड़ी मात्रा में रसगुल्ले तैयार किए जाने की खबर सामने आई थी। बताया गया था कि अनुज सिंह के नामांकन के बाद इन्हें समर्थकों के बीच बांटने की तैयारी थी।
अनंत सिंह का यह खुला रुख जेडीयू के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है। अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के बजाय दूसरे दल के उम्मीदवार के समर्थन में उतरने से पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनावी मुकाबला और अधिक चर्चित हो गया है।







