
Report: A.K. Chaudhary
सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के फिंगलास पंचायत अंतर्गत परसरमा वार्ड नंबर 7 स्थित चिल्ड्रेन हेल्थ केयर में इलाज के दौरान शनिवार को एक वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही राघोपुर पुलिस, अंचलाधिकारी और रेफरल अस्पताल राघोपुर के डॉक्टरों को टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल बच्ची की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है।

मृत बच्ची की पहचान मधेपुरा जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र के हरदी चौघरा निवासी प्रेमरंजन मेहता की एक वर्षीय पुत्री अन्नू कुमारी के रूप में हुई है। बताया गया कि बच्ची पिछले कुछ समय से अपनी ननिहाल सुपौल जिले के प्रतापगंज थाना क्षेत्र के सुखानगर वार्ड नंबर 2 में अपने नाना अर्जुन मेहता के यहां रह रही थी।
पेट खराब होने के बाद अस्पताल में कराया था भर्ती
बच्ची के नाना अर्जुन मेहता ने बताया कि शुक्रवार को बच्ची का पेट खराब था और उसकी तबीयत भी ठीक नहीं थी। इसके बाद वह बच्ची को लेकर फिंगलास पंचायत के परसरमा स्थित चिल्ड्रेन हेल्थ केयर पहुंचे। वहां डॉ. आरएन रमन के यहां बच्ची को भर्ती कराया गया और इलाज शुरू किया गया।

नाना के अनुसार, शनिवार सुबह करीब आठ बजे डॉक्टर ने बच्ची को देखा और कहा कि वह ठीक हो जाएगी। इसके बाद डॉक्टर वहां से चले गए। अर्जुन मेहता का आरोप है कि डॉक्टर के जाने के बाद बच्ची का इलाज मुख्य रूप से कंपाउंडर द्वारा किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान कंपाउंडर द्वारा बच्ची को बिजली का भाप लगाया गया। इसके कुछ देर बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब दो बजे अस्पताल में ही बच्ची की मौत हो गई।
6500 रुपये में इलाज की बात कही गई थी
बच्ची के नाना अर्जुन मेहता ने बताया कि डॉक्टर की ओर से 6500 रुपये में संपूर्ण इलाज किए जाने की बात कही गई थी। उनका सवाल है कि यदि बच्ची की हालत गंभीर थी या उक्त अस्पताल में उसका इलाज संभव नहीं था, तो उन्हें इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते बच्ची की गंभीर स्थिति के बारे में उन्हें बताया जाता तो वे बच्ची को किसी दूसरे अस्पताल में ले जाकर इलाज कराने का प्रयास करते। बच्ची की मौत के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों में आक्रोश और मायूसी का माहौल रहा। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारियों और मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद राघोपुर अंचलाधिकारी रश्मि प्रिया, राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं रेफरल अस्पताल राघोपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीव द्विवेदी भी मेडिकल टीम के साथ चिल्ड्रेन हेल्थ केयर पहुंचे। अधिकारियों और चिकित्सकों ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली। पुलिस ने अस्पताल में मौजूद लोगों से पूछताछ की और इलाज से संबंधित जानकारी जुटाई। मेडिकल टीम ने भी मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बोले- डॉक्टर से भी होगी पूछताछ
रेफरल अस्पताल राघोपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीव द्विवेदी ने बताया कि परिजनों से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि शनिवार सुबह करीब आठ बजे डॉक्टर ने बच्ची को देखा था। इसके बाद जिस समय बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा था, उस समय डॉक्टर क्लिनिक में मौजूद नहीं थे और कंपाउंडर बच्ची को देख रहा था। बताया कि इमरजेंसी मरीज के वक्त अस्पताल बिना डॉक्टर का चल रहा था। उन्होंने कहा कि बच्ची की मौत किस वजह से हुई, इसकी जानकारी के लिए डॉक्टर से भी पूछताछ की जाएगी। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही
वीरपुर एसडीएम विनय कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें मिली है। उन्होंने सीओ, थानाध्यक्ष और एमवाईसी टीम को घटनास्थल पर जाकर मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर से नहीं हो सका संपर्क
फिलहाल बच्ची की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। बच्ची की मौत बीमारी की वजह से हुई या इलाज के दौरान किसी अन्य कारण से, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वहीं परिजनों द्वारा लगाए गए इलाज में लापरवाही के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
मामले में चिल्ड्रेन हेल्थ केयर के डॉक्टर आरएन रमन का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।







