Report: A.K Chaudhary
बिहार सरकार के परिवहन विभाग द्वारा राज्य को अवैध एवं मॉडिफाइड डीजे वाहनों से मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का असर अब सुपौल जिले में भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। विभागीय निर्देश के आलोक में जिला परिवहन पदाधिकारी, सुपौल के नेतृत्व में पूरे जिले में मिशन मोड में सघन वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटरयान निरीक्षक एवं प्रवर्तन अवर निरीक्षक की संयुक्त टीम द्वारा जिले के विभिन्न चौक-चौराहों, मुख्य सड़कों, बाजार क्षेत्रों तथा संवेदनशील स्थानों पर लगातार वाहन जांच की जा रही है। विशेष रूप से शादी-बारात एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में प्रयुक्त होने वाले डीजे वाहनों को चिन्हित कर उनकी गहन जांच की जा रही है।
जांच के दौरान बिना अनुमति डीजे सिस्टम से मॉडिफाइड वाहनों, वाहनों में अवैध संरचनात्मक परिवर्तन करने वाले वाहन स्वामियों तथा ध्वनि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। कई ऐसे वाहन पकड़े गए हैं जिनमें क्षमता से अधिक साउंड सिस्टम, अतिरिक्त जनरेटर सेट एवं ऊंचे लोहे के ढांचे लगाए गए थे, जो न केवल मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन हैं बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब तक अभियान के दौरान कई वाहनों पर नियमानुसार जुर्माना लगाया गया है। वहीं गंभीर मामलों में वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई भी की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति वाहन में डीजे सिस्टम लगाना तथा वाहन की मूल संरचना में बदलाव करना मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में भारी जुर्माना, वाहन पंजीकरण निलंबन या रद्द करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है।
जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार सज्जन ने बताया कि यह अभियान राज्य सरकार के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना, ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखना तथा सार्वजनिक आयोजनों में अवैध डीजे वाहनों से उत्पन्न अव्यवस्था को रोकना है। उन्होंने कहा कि तेज ध्वनि से आम नागरिकों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और मरीजों को परेशानी होती है, इसलिए नियमों का पालन अनिवार्य है।
उन्होंने वाहन स्वामियों एवं डीजे संचालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों में अवैध रूप से डीजे सिस्टम न लगाएं और परिवहन नियमों का पालन करें। साथ ही चेतावनी दी कि आगे भी जिले में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध डीजे वाहन संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। परिवहन विभाग का कहना है कि जब तक जिले में पूरी तरह से नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक यह विशेष जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।







