मधेपुरा में फर्जी महिला IAS बनकर ठगी करने वाला दंपती गिरफ्तार, 34.74 लाख की ठगी का मामला

मधेपुरा पुलिस ने फर्जी महिला आईएएस बनकर ठेकेदारी के नाम पर 34.74 लाख रुपये की ठगी करने वाले दंपती को पटना से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को अधिकारी बताकर लोगों को झांसा देते थे।

News Desk Madhepura:

Fake Woman IAS Fraud Madhepura: मधेपुरा पुलिस ने एक बड़े ठगी मामले का खुलासा करते हुए खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाली महिला और उसके पति को गिरफ्तार किया है। दोनों को पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के बिलपटोला से गिरफ्तार कर मंगलवार को मधेपुरा लाया गया। पुलिस ने इनके पास से एक चार पहिया वाहन और मोबाइल फोन भी बरामद किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भोजपुर जिले के पीरो थाना क्षेत्र के अगिया गांव निवासी सन्नी कुमार राय और उसकी पत्नी श्रद्धांजलि देवी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सन्नी अपनी पत्नी को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बताकर लोगों को झांसा देता था और खुद को उसका सुरक्षा गार्ड बताता था।

ठेकेदारी दिलाने के नाम पर ठगी मामला

मधेपुरा शहर के वार्ड संख्या 9 निवासी नारायण यादव से जुड़ा है। पीड़ित ने 8 फरवरी को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2025 में सिंहेश्वर धाम में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उसकी मुलाकात आरोपियों से हुई थी। वहां एक गाड़ी पर बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारी का बोर्ड लगा हुआ था, जिससे वह प्रभावित हो गया।

बातचीत के दौरान आरोपी सन्नी ने अपनी पत्नी को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बताते हुए सरकारी ठेके दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद उसने अलग-अलग माध्यमों से पीड़ित से कुल 34 लाख 74 हजार रुपये ले लिए। लेकिन न तो कोई ठेका दिलाया गया और न ही पैसे वापस किए गए।

पैसे मांगने पर मारपीट और मोबाइल छीना

पीड़ित के अनुसार, जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट भी की। इस दौरान उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जांच के बाद बनी टीम, पटना से गिरफ्तारी

थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच में यह सामने आया कि आरोपी दंपती फर्जी पहचान और सरकारी रुतबे का दिखावा कर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। उनके खिलाफ पहले भी ठगी के मामलों में संलिप्तता की जानकारी मिली है।

पुलिस टीम ने तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दोनों को पटना से गिरफ्तार कर लिया। इनके इस्तेमाल में लाई जा रही चार पहिया गाड़ी पर भी फर्जी सरकारी बोर्ड लगा हुआ था, जिसे जब्त कर लिया गया है।

न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी

अपर पुलिस अधीक्षक प्रवेंद्र भारती ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साथ ही मामले की आगे की जांच जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने और किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया है।

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