अररिया में मामूली विवाद ने लिया खौफनाक रूप: युवक की बेरहमी से हत्या, फिर आरोपी को भी भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला

अररिया के फारबिसगंज में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहां पहले एक पिकअप ड्राइवर की हत्या कर दी गई और इसके बाद गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पीट-पीटकर मार डाला। घटना के बाद इलाके में तनाव और भारी पुलिस बल तैनात है।

News Desk Araria:

बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में गुरुवार की सुबह एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक और भयावह रूप ले लिया। इस घटना में पहले एक युवक की निर्मम हत्या कर दी गई, जिसके बाद गुस्साई भीड़ ने आरोपी को भी पकड़कर उसकी जान ले ली। इस दोहरी हत्या की घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार जोगबनी थाना क्षेत्र के अमौना वार्ड संख्या 21 निवासी पिकअप चालक नबी हुसैन (उम्र करीब 42 वर्ष) कृषि उत्पादन बाजार समिति के गेट के पास मौजूद थे। उसी दौरान फारबिसगंज थाना क्षेत्र के चौहान टोला निवासी राहुल चौहान (उम्र करीब 30 वर्ष), जो ठेले पर सत्तू और अनानास बेचने का काम करता था, भी वहीं मौजूद था। बताया जा रहा है कि अली हुसैन ने रवि से किसी बात को लेकर मजाक किया, जो रवि को नागवार गुजरा। दोनों के बीच बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि रवि आपे से बाहर हो गया। आवेश में आकर रवि ने एक धारदार चाकू निकाला और सरेराह अली हुसैन पर हमला कर दिया। हमला इतना बेरहम था कि उसने अली हुसैन का सिर धड़ से अलग कर दिया। बीच सड़क पर खून से लथपथ सिर और धड़ को पड़ा देख राहगीर सिहर उठे।

सड़क पर धर से अलग सर

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे हुए इस विवाद के दौरान राहुल चौहान अचानक आपा खो बैठा और उसने धारदार हथियार से नबी हुसैन पर हमला कर दिया। हमला इतना घातक था कि मौके पर ही उनकी हत्या हो गई। इस घटना से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पास के एक निर्माणाधीन गोदाम के समीप झाड़ियों में छिप गया।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को पकड़ लिया। हालांकि, हालात तब बिगड़ गए जब आक्रोशित भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में ही आरोपी को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई।

इस दोहरे हत्याकांड के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने सुभाष चौक समेत कई स्थानों पर सड़क जाम कर दी और आगजनी कर विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस समय पर नहीं पहुंची, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी जितेंद्र कुमार, फारबिसगंज के एसडीएम अभय कुमार तिवारी, एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा और थानाध्यक्ष मनोज कुमार सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने का प्रयास किया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा ने बताया कि ठेला लगाने को लेकर हुए विवाद में यह घटना हुई है। पहले पिकअप चालक की हत्या की गई, उसके बाद भीड़ ने आरोपी की पिटाई कर उसकी जान ले ली। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फॉरेंसिक टीम की मदद ली जाएगी। साथ ही, भीड़ में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन द्वारा स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है, हालांकि क्षेत्र में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है।

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