News Desk Patna:
बिहार की राजनीति में मंगलवार का दिन बेहद अहम और सियासी हलचलों से भरा रहा। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के साथ ही राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई और नई सरकार के गठन की कवायद शुरू हो गई। इस्तीफे के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने तेजी से अगला कदम उठाते हुए सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया।
पटना स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित विधायक दल की बैठक में यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री और पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान ने की, जिसमें राज्य के कई वरिष्ठ नेता, जिनमें विजय कुमार सिन्हा भी शामिल थे, मौजूद रहे।
बैठक के बाद शिवराज सिंह चौहान ने औपचारिक रूप से सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा की। इसके तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की और नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस घटनाक्रम के साथ ही उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।
इससे पहले दिन में नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा और कैबिनेट भंग करने की सिफारिश की। करीब दो दशकों तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार का यह कदम राज्य की सियासत में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
राजनीतिक शिष्टाचार और परंपरा का एक भावुक दृश्य भी सामने आया, जब NDA विधायक दल की बैठक के दौरान नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी को माला पहनाकर उनका स्वागत किया। वहीं सम्राट चौधरी ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जो सत्ता हस्तांतरण के बीच सम्मान और अनुभव की प्रतीकात्मक झलक थी।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सम्राट चौधरी बुधवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में भाजपा नेतृत्व वाली नई सरकार औपचारिक रूप से कामकाज संभाल लेगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि बिहार की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां नेतृत्व परिवर्तन के साथ सत्ता का संतुलन भी बदलता नजर आ रहा है।







