सुपौल: राघोपुर प्रखंड के पांच स्थानों पर लगा सहयोग शिविर, विभिन्न विभागों को मिले 247 आवेदन

राघोपुर प्रखंड के हरीराहा, मोतीपुर, परमानंदपुर, बौराहा पंचायत और नगर पंचायत सिमराही में आयोजित सहयोग शिविर में कुल 247 आवेदन प्राप्त हुए। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनकर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Report: A.K Chaudhary

राज्य सरकार के निर्देश एवं मुख्यमंत्री की पहल पर मंगलवार को सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों एवं नगर पंचायत सिमराही में “सहयोग शिविर” का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं विभागों से संबंधित आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करना था।

प्रखंड क्षेत्र के हरीराहा, मोतीपुर, परमानंदपुर, बौराहा पंचायत तथा नगर पंचायत सिमराही में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन जमा किए। शिविर में राजस्व, विद्युत, आपूर्ति, पंचायती राज, आवास, कृषि, सहकारिता, मनरेगा, आंगनबाड़ी, स्वच्छता सहित कुल 20 विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी, ताकि लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा सके।

शिविर में प्राप्त आवेदनों की बात करें तो परमानंदपुर पंचायत में 42 आवेदन, मोतीपुर पंचायत में 26 आवेदन, हरीराहा पंचायत में 39 आवेदन, बौराहा पंचायत में 41 आवेदन तथा नगर पंचायत सिमराही के वार्ड संख्या 01, 09, 10 एवं 11 के लिए आयोजित शिविर में 99 आवेदन प्राप्त हुए। इस प्रकार सभी स्थानों को मिलाकर कुल 247 आवेदन विभिन्न विभागों से संबंधित प्राप्त हुए।

शिविर के दौरान मौजूद अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कई मामलों में लोगों को तत्काल जानकारी एवं समाधान भी उपलब्ध कराया गया, जबकि अन्य आवेदनों को नियमानुसार निष्पादन के लिए संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।

हालांकि ग्रामीणों ने बताया कि सहयोग शिविर के संबंध में पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण कई लोगों को इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। यदि पंचायत स्तर पर माइकिंग, सूचना प्रसार एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाता तो अधिक संख्या में लोग शिविर का लाभ उठा सकते थे। इसके बावजूद शिविर में पहुंचे लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी से उनकी समस्याओं को रखने का बेहतर अवसर मिला है।

प्रशासन की ओर से बताया गया कि सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का 30 दिन के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि आम लोगों को सरकारी कार्यालयों का बार-बार चक्कर नहीं लगाना पड़े और उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान हो सके।

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