News Desk Patna:
इस वक्त की सबसे बड़ी खबर पटना से आ रही है जहां बिहार की राजनीति में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार को कैबिनेट की आखिरी बैठक के बाद उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और साथ ही मंत्रिमंडल भंग करने की अनुशंसा भी की। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है।
NDA विधायक दल की बैठक आज
इस्तीफे के तुरंत बाद अब अगला बड़ा कदम नई सरकार के गठन का है। बीजेपी दफ्तर में बीजेपी विधायक दल की बैठक शुरू हो गयी है। इसके बाद शाम 4 बजे बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें नए नेता का चयन होगा। इसके बाद शाम 5:30 बजे राज्यपाल के समक्ष नई सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।
इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार का बयान
इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना पहला बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2005 को राज्य में पहली बार एनडीए सरकार बनी थी और तब से बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों—हिंदू, मुस्लिम, सवर्ण, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और महादलित—के लिए काम किया।
उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि जैसे हर क्षेत्र में विकास हुआ है। महिलाओं और युवाओं के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई गईं। उन्होंने बताया कि 2025 से 2030 तक के लिए “7 निश्चय-3” कार्यक्रम तैयार किया गया है, जिससे विकास को और गति मिलेगी।
केंद्र सरकार के सहयोग का जिक्र
नीतीश कुमार ने अपने बयान में केंद्र सरकार के सहयोग का भी जिक्र किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार आने वाले समय में देश के शीर्ष विकसित राज्यों में शामिल होगा और राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
आगे भी देंगे सहयोग
नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक बिहार की सेवा की है और अब तय योजना के अनुसार पद छोड़ दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में राज्य और तेजी से विकास करेगा।
राजनीतिक दृष्टि से अहम मोड़
करीब दो दशकों तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार का इस्तीफा राज्य के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एनडीए विधायक दल किसे अपना नया नेता चुनता है और बिहार की नई सरकार किस दिशा में आगे बढ़ती है।







